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Political Communication process of principal political parties in India

1. Political parties in India use the media to communicate their ideas and connect with their target audiences. This includes television, radio, newspapers, magazines, billboards, and social media platforms such as Facebook, Twitter, and YouTube.
2. Political parties also use advertising campaigns to reach out to their target audiences. These campaigns feature party leaders, highlight their achievements, and explain their ideologies. 
3. Political parties also use direct mail campaigns to reach out to their constituents. These campaigns are sent to households and include flyers, brochures, and newsletters. 
4. Political parties also use grassroots campaigns to reach out to voters in their constituencies. These campaigns include door-to-door canvassing, rallies, and public meetings. 
5. Political parties also use online campaigns to reach out to the younger generation. These campaigns include online videos, social media campaigns, and online forums. 
6. Political parties also use opinion polls and focus groups to gauge the public opinion and assess their chances of success in elections. 
7. Political parties also use exit polls to assess their performance in elections. 8. Political parties also use political debates and discussions to present their views and counter the views of their opponents.

Dr. Kanhaiya Jha (Ph.D)
+919958806745

दृष्टि चक्र डॉ. कन्हैया झा के साथ (बजट में क्या है खास)

भारत सरकार किसानों की आय को दोगुना करने के लिए 3 नए कानूनों को लेकर आई है | प्रस्तावित बजट में भी आम किसान तथा गरीबों को लाभ मिले इसके लिए अनेक प्रकार की घोषणाएं की गई है | वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत किया गया बजट आत्मनिर्भर भारत बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा |
आज देश को कोरोना के कारण जो नुकसान हुआ है उससे बाहर निकालने की आवश्यकता है | सरकार और समाज दोनों अपने-अपने स्तर पर नई दिशा की तलाश में प्रयत्नशील हैं | इस महामारी से जनता जल्दी से जल्दी बाहर आये इसके लिए सभी ओर से प्रयास हो रहे हैं |
भारत सरकार द्वारा प्रस्तुत किया गया बजट न केवल वर्तमान समय में अर्थव्यवस्था को बल देगा अपितु दीर्घ कालखंड में भारत की ढांचागत निर्माण में भी वृद्धि करेगा |
कोरोना महामारी के दौरान सरकार ने जो निर्णय लिए उससे समाज को बहुत लाभ प्राप्त हुआ | जब पूरा देश अपने-अपने घरों में बंद था तब सभी को भोजन सुनिश्चित कराने के लिए सरकार द्वारा लगभग 80 करोड़ लोगों को मुफ्त में अनाज दिया गया | गरीब परिवारों को धुंएँ से मुक्ति दिलाने के लिए उज्जवला योजना के तहत 8 करोड़ लाभार्थियों को मुफ्त में गैस कनेक्शन उपलब्ध कराये गए | देश के सबसे गरीब तबके पास नकद राशि पहुंचे इसके लिए सरकार द्वारा गरीब कल्याण योजना के तहत 76 हजार करोड़ रुपये की धनराशी वितरित की गई | यह सब बातें दिखाती है कि सरकार जब संवेदनशील होती है तो आने वाले बड़े से बड़े संकट को किस प्रकार से मुकाबला कर सकती है |
जिन गरीबों के पास अपना पक्का घर नहीं था उनके लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उन्हें घर बनाने के लिए धनराशी उपलब्ध कराई गई | गाँव का किसान अपनी छोटी-छोटी आवश्यकताओं के लिए शहर तक नहीं जा पाता था, अपने खेत में हुए फसल को तथा आवश्यकताओं की पूर्ति में उसको बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ता था | सरकार ने घर घर बिजली पहुंचाकर लोगों के जीवन शैली में बदलाव किये | नए-नए उद्योगों का विकास हुआ | गांवों में छोटे-छोटे उद्योग जन्म ले रहे हैं | बिजली तथा इन्टरनेट के पहुँचने से ऑनलाइन व्यवसाय में भी वृद्धि दर्ज की गई है | अब दूरदराज का व्यक्ति भी अपने उत्पाद को ऑनलाइन बेच सकता है | प्रधानमंत्री फसल बीमा के माध्यम से 9 करोड़ लोगों को लाभ पहुंचा है जबकि प्रधानमंत्री किसान योजना के माध्यम से 11 करोड़ किसानों को लाभ प्राप्त हुआ है |
इस बार के बजट की सबसे बड़ी खासियत रही कि सरकार द्वारा पूंजीगत खर्चे में साढ़े चौतीस प्रतिशत की वृद्धि की गई | देश की सुरक्षा सरकार की पहली प्राथमिकता है, इसके लिए सरकार आंतरिक एवं बाह्य सुरक्षा को लेकर बहुत ही संजीदगी के साथ कार्य कर रही है | रक्षा के क्षेत्र में सरकार द्वारा खर्चे में भी वृद्धि की गई है | इस बार के बजट में रक्षा खर्च में 18.8 प्रतिशत की वृद्धि की गई है | गाँवों में मजदूरों के लिए सरकार की बड़ी योजना मनरेगा में सरकार द्वारा 1 लाख 11 हजार 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है | अर्थात गरीब से गरीब जनता का ख्याल रखा गया है |
कोरोना महामारी से देश को बचाने के लिए पहला टीकाकरण अभियान की दूसरी खुराक आज से लगाई जाएगी | अभी तक 75 लाख से अधिक लोगों को कोरोना का टीका लगाया जा चुका है | भारत ने तेज गति से विश्व में सबसे अधिक 75 लाख लोगों को कोरोना का टीका लगाया है | यह अपने आपन में वैश्विक रिकॉर्ड है |
आज विश्व दलहन दिवस है | भारत दुनिया में सबसे अधिक दलहन का उत्पादक तथा उपभोक्ता है | पिछले कुछ वर्षों में भारत ने दलहन उत्पादन को 140 टन से बढाकर 240 लाख टन तक बढ़ाया है | 2019-20 में भारत का 23.15 मिलियन टन दलहन का उत्पादन हुआ था, यह विश्व का 23.62% प्रतिशत है | भारत एक शाकाहारी देश है, यहाँ दलहन का उत्पादन प्रोटीन की पूर्ति का मुख्य स्रोत है | दलहन शाकाहारी लोगों का मुख्य भोजन है | दलहन में पानी की कम खपत होती है | सूखे क्षेत्रों में आसानी से इसका उत्पादन किया जा सकता है |
भारत में छोटे तथा सीमांत किसान की संख्या 86 प्रतिशत है | FPO के द्वारा इन किसानों के कल्याण के लिए सरकार की योजना काम कर रही है | सरकार छोटे उत्पादक किसानों को संगठित करके उन्हें कंपनी एक्ट में लाने की योजना कर रही है | इस कंपनी एक्ट में आने के लिए कम से कम 11 सदस्यों का होना आवश्यक है | भारत सरकार द्वारा 10 हजार नए FPO गठित करने का फैसला लिया है | FPO की शुरुआत कृषि स्थिति को सुधारने के लिए किया गया है |
भारत सरकार की राष्ट्रीय पोषण अभियान के तहत दलहन आंगनबाड़ी के माध्यम से वितरित किये जा रहा है | गर्भवती एवं नवप्रसूता के लिए सरकार द्वारा सवा करोड़ केन्द्रों की स्थापना की गई है | कोविड महामारी के दौरान सरकार द्वारा 80 करोड़ लोगों को साबुत दालों की आपूर्ति की गई है | कोविड के होने के बावजूद भारत ने रिकॉर्ड स्तर पर दलहन का निर्यात किया | पिछले वर्ष अप्रैल से दिसंबर 2020 के दौरान दलहनों में 26% की वृद्धि दर्ज की गई है |
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